सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर मनाया गया विश्व मरीज सुरक्षा दिवस

सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर मनाया गया विश्व मरीज सुरक्षा दिवस

कानपुर नगर: मरीजों की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए गुरुवार को जनपद में ग्लोबल पेशेंट सेफ्टी डे (विश्व मरीज सुरक्षा दिवस – 17 सितंबर) मनाया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व मरीज सुरक्षा दिवस की शुरुआत पिछले वर्ष 2019 में की थी। यह दूसरा वर्ष हैं जब मरीजों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए यह दिवस मनाया गया। इस वर्ष की थीम “हैल्थ वर्कर सेफ़्टी- ए प्रायरिटी फॉर पेशेंट सेफ़्टी” (यानि मरीजों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि स्वास्थ्य कर्मी भी सुरक्षित हो) है।

इस वर्ष विश्व एक नयी बीमारी के रूप में कोरोना का सामना कर रहा है, जो अब एक वैश्विक आपदा बन गया है। आम जनमानस के साथ इससे स्वास्थ्य कार्यों में लगे स्वास्थ्य कर्मी भी चपेट में आए है। जनपद में अब तक सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मी इस बीमारी से चपेट में आए है। इसीलिए इस वर्ष मरीज सुरक्षा दिवस पर सिर्फ मरीजों की ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक करने का काम किया गया।

क्वालिटी एश्योरेंस के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ एके सिंह ने बताया कि चिकित्सा के क्षेत्र में मरीजों के अधिकार, चिकित्सा सुरक्षा तथा मरीजों की संतुष्टि स्वास्थ्य सेवा और देखभाल का उचित स्थान है। उन्होंने कहा विश्व मरीज सुरक्षा दिवस को मनाए जाने का उद्देश रोगियों की सुरक्षा व स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है |

जिला क्वालिटी एश्योरेंस सलाहकार डॉ आरिफ़ बेग़ ने बताया कि जिले की सभी स्वास्थ ईकाइयों पर विश्व मरीज सुरक्षा दिवस मनाया गया। स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात अधीक्षकों ने दिवस विशेष पर सर्वप्रथम मरीजों की सुरक्षा को लेकर शपथ का आयोजन किया , पेशेंट सेफ़्टी से संबन्धित पोस्टर प्रदर्शन का आयोजन किया गया, इन पोस्टर को राष्ट्र स्तर पर भेजा जाएगा। इसके साथ ही जनपद में कार्यरत बेहतरीन कर्मियों को सम्मानित किया गया।

डॉ बेग ने बताया कि सभी ने चिकित्सालय में मरीजों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखने, मरीज के साथ सौम्य और अच्छा व्यवहार करने, मरीज की प्राइवेसी और गोपनियता की ध्यान रखने, चिकित्सकीय उपचार और तरीकों से पहले सही मरीज की पहचान करने, किसी प्रकार के विशेष तरीके या जांच आदि से पहले मरीज व उनके परिजनों से सहमति लेने, मरीज को सही समय पर सही तरीके से दवा देने और डाक्यूमेंटेशन करने, मरीज का प्रतिदिन बेड टू बेड हैण्डओवर लेने, मरीज की भर्ती व डिस्चार्ज प्रक्रिया नियमानुसार करने, मरीज को दी गई दवाईयों का नियमानुसार आॅडिट करने व उनके परिणाम में सुधारात्मक व निवारक कार्यवाही करने, चिकित्सीय प्रक्रिया में मरीज और मरीज के परिवार को परामर्श एवं फीडबैक हेतु शामिल कर सुधारात्मक व निवारक कार्यवाही करने की शपथ ली।

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