कोरोना को दे मात निभा रहे ड्यूटी एहतियात के साथ

कोरोना को दे मात निभा रहे ड्यूटी एहतियात के साथ

प्रयागराज: अपनी जान जोखिम में डाल कर कर्तव्य का निर्वहन कर रहे कोरोना योद्धा के जज्बे को दुनिया ने सराहा। इस दौरान कई कोरोना योद्धा इस संक्रमण की चपेट में भी आयें। स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस, सफाईकर्मी एम्बुलेंस ड्राईवर सभी जिस तरह दिन-रात अस्पताल से लेकर गली चौराहों तक जनता की सेवा में मुस्तैदी से तैनात हैं वह काबिले तारीफ है। ऐसे ही एक कोरोना योद्धा हैं जीवन ज्योति क्षेत्र के चौकी इंचार्ज विनोद यादव (33) व सिपाही नीरज (38) जो ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित हो गए थे। पर अब वह स्वस्थ होकर पुनः अहतियात के साथ अपना कर्त्तव्य निभा रहे हैं।

ड्यूटी के दौरान ही शाम को विनोद को हल्का बुखार महसूस हुआ

विनोद यादव और नीरज ने बताया कि ’28 जुलाई को अपने कार्यक्षेत्र में वाहन चेकिंग, पेट्रोलिंग, शोसल डिस्टेन्सिंग फॉलो कराने की ज़िम्मेदारी हमें मिली थी। विभाग से मुहैया मास्क सेनीटाइजर का इस्तेमाल करने के बावजूद हम कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गये। ड्यूटी के दौरान ही शाम को विनोद को हल्का बुखार महसूस हुआ। रात को जब वो घर पहुंचे तो तेज बुखार व खांसी जैसे लक्षण महसूस हुए। नीरज ने बताया की ’28 जुलाई की रात मुझे अचानक तेज बुखार हुआ। दूसरे दिन सुबह मुझे सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई और भोजन के स्वाद में भी बदलाव महसूस हुआ। सुबह जब मैं दफ्तर पहुंचा तो विनोद सर ने सभी ऑफिस स्टाफ से कोरोना जांच करवाने की आपील की। स्टॉफ के दस लोगों की कालिंदीपुरम में कोरोना जांच सेंटर पर जांच हुई और हम सभी होम क्वारंटीन हुए। पाँच दिन बाद रिपोर्ट मिली जिसमे मैं और मेरे सीनियर विनोद यादव कोरोना पॉज़िटिव आयें।

एसएचओ थाना कीटगंज शिशुपाल शर्मा से सारी बात फोन पर बतायी

विनोद यादव ने बताया की पॉज़िटिव रिपोर्ट आने पर वर्तमान एसएचओ थाना कीटगंज शिशुपाल शर्मा से सारी बात फोन पर बतायी। उन्होने हमें तुरंत अस्पताल जाने को कहा। हम कोटवा के सीएचसी केंद्र में 03 अगस्त को भर्ती हुए जहाँ हम आठ दिन रहे। इस दौरान चिकित्सकों का सहयोग बहुत ही सराहनीय रहा। उन्होने हमारे हौसले को बढ़ाया। दवा, काढ़ा व विटामिन की टैबलेट, फल व भोजन प्रतिदिन निश्चित समय अंतराल पर मिलता रहा। जिसका नतीजा रहा की दसवें दिन 11 अगस्त को हम दोनों को चिकित्सकों ने कोरोना निगेटिव बताया। इसके बाद हम घर पर एक हफ्ते होम आइसोलेट रहे। इसके तुरंत बाद 19 अगस्त को पुनः हमने अपना कार्यभार संभाला।

ऐसे भी हो सकते हैं कोरोना संक्रमित

अब विनोद व नीरज कोरोनाकाल में अपनी ड्यूटी निष्ठा के साथ निभा रहे हैं। विनोद ने बताया हो सकता है कि गाड़ियों के चालान के दौरान एक ही कलम का इस्तेमाल करने से उन्हें कोरोना संक्रमण हुआ हो। लेकिन कोरोना से शुरुवाती लक्षण को उन्होने पहचाना व अपनी जांच कारवायी। कोरोना एक संक्रमण है। जिसका बचाव सिर्फ जागरूकता व एहतियात है।

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