सौगात- हंडिया, फूलपुर व करछना रक्त भण्डारण के लिए चिन्हित

सौगात- हंडिया, फूलपुर व करछना रक्त भण्डारण के लिए चिन्हित

खालसा न्यूज़डेस्क/प्रयागराज

प्रयागराज:  जिले के तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों हंडिया, फूलपुर और करछना को रक्त भण्डारण केन्द्र स्थापित करने के लिए चिन्हित किया गया है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुछ आवश्यक प्रक्रिया के बाद जल्द ही इन स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी रक्त भण्डारण किया जा सकेगा।

स्वास्थ्य केन्द्रों पर इसकी सुविधा नहीं

जिला कार्यक्रम प्रबंधक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि खून की आवश्यकता अक्सर प्रसव के दौरान पड़ती है। स्वास्थ्य केन्द्रों पर खून की उपलब्धता नहीं होने पर केस रेफर करना पड़ता है। वर्तमान में जनपद में 9 स्वास्थ्य केन्द्र एफ.आर.यू. (प्रथम रेफरल यूनिट) हैं। इनमें 3 जिला चिकित्सालय और 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं। जिला महिला अस्पताल, स्वरुप रानी नेहरु चिकित्सालय और कमला नेहरु मेमोरियल चिकित्सालय पर ब्लड बैंक हैं। लेकिन अन्य 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर इसकी सुविधा नहीं है।

टेक्नीशियन को प्रशिक्षित भी किया

यदि इन स्वास्थ्य केन्द्रों पर किसी महिला को ऑपरेशन के दौरान खून चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है तो उसे जिला चिकित्सालय पर रेफर किया जाता है। इस दौरान गर्भवती और होने वाले बच्चे को जान का खतरा बना रहता है। इन केन्द्रों पर ब्लड स्टोरेज यूनिट बन जाने पर आवश्यकता पड़ने पर वहीं खून चढ़ाया जा सकेगा और जच्चा-बच्चा दोनों की जान बचायी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हंडिया, फूलपुर व करछना को रक्त भण्डारण केन्द्र स्थापित करने के लिए चिन्हित किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही राज्य स्तर से रक्त भण्डारण केन्द्र का लाइसेन्स मिल जायेगा। इसके साथ ही रक्त भण्डारण केन्द्रों के संचालन के लिए चिकित्साधिकारी व लैब टेक्नीशियन को प्रशिक्षित भी किया जायेगा।

माँ और बच्चे दोनों की जान बचेगी

जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता अभिषेक त्रिवेदी ने बताया कि बीते अक्टूबर माह में हंडिया में 76, फूलपुर में 71 और करछना में 207 प्रसव हुए हैं, वहीँ इस वर्ष अब तक इस तीनों स्वास्थ्य केन्द्रों को मिला कर 1913 प्रसव हुए हैं। इन तीनों केन्द्रों पर रक्त भण्डारण केन्द्र शुरू होने पर आसपास के कई क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को लाभ मिलेगा और आवश्यकता पड़ने पर इन स्वास्थ्य केन्द्रों खून चढ़ाया जा सकेगा जिससे माँ और बच्चे दोनों की जान बचेगी।

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