कुपोषण को मिटाने के संकल्प के साथ चल रहा पोषण माह

कुपोषण को मिटाने के संकल्प के साथ चल रहा पोषण माह

कानपुर: सोमवार से शुरू हो चुके राष्ट्रीय पोषण माह में कुपोषण को जड़ से मिटाने की सोच के साथ कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर एक-एक गाय नि:शुल्क दी जाएगी, जिसके भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह नौ सौ रुपए भी दिए जाएंगे। बता दें की राष्ट्रीय पोषण माह संपूर्ण सितंबर माह में चलेगा। इसका उद्देश्य 0 से 5 साल तक के बच्चों, गर्भवती/धात्री महिलाओं के कुपोषण को प्रभावी ढंग से दूर करना है ताकि कुपोषण से होनी वाली बीमारियों व मृत्युदर को कम किया जा सके।

इस अभियान के दौरान जिले में कुपोषित/अति कुपोषित बच्चों, एनीमिया की शिकार महिलाओं, किशोरियों और बालिकाओं को चिन्हित कर पोषण वाटिका लगाने, पौष्टिक भोजन का सेवन करने, 6 माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने तत्पश्चात अन्य पौष्टिक आहार लेने के बारे में बताया जाएगा। साथ ही नियमित तौर पर उनकी देखरेख की जाएगी।

आयोजन कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार ही किए जाएंगे

पोषण माह के बेहतर क्रियान्वयन के लिए मुख्य विकास अधिकारी डॉ महेंद्र कुमार ने निर्देश दिए हैं कि कुपोषित बच्चों, महिलाओं के परिजनों से संपर्क करके उनको किचेन गार्डन के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा इसमें सहजन का वृक्ष अवश्य लगाया जाए। यह अनेक गुणों से भरपूर है तथा पौष्टिक आहार भी है। पोषण वाटिका तथा उसके रखरखाव के लिए सभी परिषदीय विद्यालयों को पांच हजार की धनराशि प्रतिवर्ष दी जाती है। उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों, आंगनवाड़ी केंद्रों, विद्यालयों में पोषण वाटिका/किचेन गार्डन लगाया जाए। पोषण माह के दौरान ऑनलाइन प्रतियोगिता, डिजिटल पोषण पंचायत, वेबिनार तथा अन्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि सभी आयोजन कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार ही किए जाएंगे।

दूध की उपलब्धता से कुपोषण कम करने में मदद मिलेगी

प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी इंद्र पाल सिंह ने बताया की जनपद में कुल 2134 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं। उन्होंने सभी बाल विकास सेवा परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को निर्देश दिया है की उनके ब्लॉक आंगनबाड़ी घर-घर जाकर स्वयं बच्चों का चिन्हांकन करें। उनकी सूची क्षेत्रीय मुख्य सेविका को उपलब्ध कराएं। मुख्य सेविका यह सूची बाल विकास परियोजना अधिकारी को देंगे। बाल विकास परियोजना अधिकारी इस सूची के आधार पर बच्चों का अनुश्रवण करेंगी। साथ ही चिन्हित बच्चों को पशुपालन विभाग द्वारा एक गाय उपलब्ध कराई जाएगी। इसके भरण पोषण के लिए 900 रुपये प्रतिमाह पशु पालन विभाग द्वारा दिया जाएगा। सैम बच्चों के परिवारों में दूध की उपलब्धता से कुपोषण कम करने में मदद मिलेगी।

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