अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण, जागरूकता एवं उपचार शिविर का हुआ आयोजन

अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण, जागरूकता एवं उपचार शिविर का हुआ आयोजन

प्रयागराज ; प्रत्येक साल 01 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है । विश्व में वृद्धों एवं प्रौढ़ों के साथ होने वाले अन्याय, उपेक्षा और दुर्व्यवहार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से इस दिन को मनाया जाता है । इस साल वृद्ध व्यक्तियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस 2020 थीम संयुक्त राष्ट्र के महामारी के बीच “स्वस्थ युग के दशक में बहु-आयामी दृष्टिकोण” है । इसी क्रम में दिनांक 1 अक्टूबर 2020 को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के उपलक्ष में, मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रयागराज मेजर डॉ. जी.एस. बाजपेई एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कॉल्विन अस्पताल डॉ. सुषमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, प्रयागराज की टीम ने आधारशिला वृद्ध आश्रम नैनी में एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण, जागरूकता एवं उपचार हेतु शिविर का आयोजन किया।

सम्मान दें और उनसे बात करें

डॉ राकेश कुमार पासवान, मनोचिकित्सक परामर्शदाता ने वहां मौजूद सभी बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य की जांच कर उपचार किया तथा मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत दी जाने वाली नि:शुल्क सुविधाओं के बारे में बताया । डॉ. राकेश से बात करने पर उन्होंने ने वृद्ध दिवस का महत्त्व बताते हुए कहा कि आज का दिन विशेष है क्यों कि समाज में इस दिन के माध्यम से हमारे वृद्धजनों की समस्यओं के प्रति समाज को जागरूकता किया जाता है । उन्होंने कहा कि केवल एक दिन के लिए ही ये सब नहीं होना चाहिए बल्कि हर दिन अपने वृद्धजन के लिए ऐसा माहौल बनायें ताकि वृद्धाश्रम की आवश्यकता ही न पड़े, इसके लिए हमारे घर में, समाज में और वृद्धाश्रम में जो वृद्धजन हैं उनको उचित सम्मान दें और उनसे बात करें ।

वृद्धजन की व्यक्तिगत काउंसलिंग की

नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. ईशान्या राज ने सभी वृद्धजन की व्यक्तिगत काउंसलिंग की और बुजुर्गों में होने वाली मानसिक परेशानियां जैसे डिमेंशिया, अल्जाइमर, अवसाद, चिंता आदि के बारे में चर्चा की । इसके साथ ही उपचार में मनोसामाजिक पहलुओं की अहमियत पर भी चर्चा की गई । जय शंकर पटेल, साइकाइट्रिक सोशल वर्कर द्वारा परिवार के मूल्यों की चर्चा कर दिनचर्या की गतिविधियों को कैसे सुरक्षित करें इसके बारे में बताया गया । कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉक्टर संगम लाल विश्वकर्मा एवं सुशील श्रीवास्तव ने अहम भूमिका निभायी ।

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