प्रयागराज: संपन्न हुआ वृहद मानसिक स्वास्थ्य जन जागरूकता शिविर

दी गई मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी और उपचार

प्रयागराज: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर आयोजित एक दिवसीय वृहद मानसिक स्वास्थ्य जन जागरूकता दिव्यांगता प्रमाणीकरण एवं उपचार हेतु शिविर आज संपन्न हो गयाI राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, प्रयागराज द्वारा डॉ वीके मिश्रा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी एनसीडी सेल के निर्देशन में शिविर का आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा निकेतन बालिका इंटर कॉलेज लखनपुर, मेजा रोड मैं किया गयाI

सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं

डॉ वीके मिश्रा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी एनसीडी सेल प्रयागराज ने बताया कि जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रयागराज के तहत काल्विन अस्पताल के मन कक्ष में सुसाइड प्रीवेंशन सेल का गठन किया गया है जिसका हेल्पलाइन नंबर 07705979478 है जहां मनोचिकित्सक , मनोवैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता, साइकेट्रिस्ट नर्स आदि की एक टीम द्वारा ऐसी परेशानियों का निराकरण किया जाता हैl इसलिए जो भी लोग इन परेशानियों से जूझ रहे हैं, वह या तो फोन के माध्यम से अथवा जिला अस्पताल जाकर इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं|

रोकथाम तथा उपचार हेतु जानकारी

शिविर संचालक डॉ.राकेश कुमार पासवान व मनोचिकित्सक परामर्शदाता एवं डॉ.ईशान्या राज, नैदानिक मनोवैज्ञानिक ने किया जिसमें ऑन स्पॉट 30 मरीजों का बुद्धि परीक्षण कर मानसिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत किया गयाl लगभग 15 से 20 मानसिक परेशानी से जूझ रहे व्यक्तियों का उपचार भी किया गया साथ ही वहां मौजूद मरीज, उनके तीमारदार एवं सभी कर्मचारियों, आशाओं आदि को आत्महत्या के कारणों, लक्षणों, उसके बचाव एवं रोकथाम तथा उपचार हेतु जानकारी प्रदान की गईI

अपनों से या किसी पेशेवर से बात करें

डॉ राकेश कुमार पासवान ने बताया कि कोविड-19 के समय आत्महत्या के विचार और कोशिशों के मरीजों में इजाफा हुआ हैl प्रारंभिक लक्षणों के द्वारा ऐसे मरीजों को पहचान सकते हैं तथा उसके उपचार के तरीके के बारे में उन्होंने बताया कि जब कोई मानसिक तौर से परेशान रहता है तो ऐसे में उसके व्यवहार में कुछ समय से आपको बदलाव देखने को मिलेंगे. ऐसे लोग अक्सर चीजों से और लोगों से दूर रहना पसंद करते हैं, जिन्हें हम आसानी से पहचान सकते हैंl नैदानिक मनोवैज्ञानिक ईशान्या राज ने बताया कि कोविड-19 की स्थिति एक तत्कालिक स्थिति है, जिसमें परेशान होकर जिंदगी से जुड़े स्थाई निर्णय ना ले बल्कि इन परेशानियों के बारे में खुलकर अपनों से या किसी पेशेवर से बात करेंI

डिस्टेंसिंग आदि को ध्यान में रखकर किया गया

हम परिस्थिति को बदल नहीं सकते मगर परिस्थिति को देखने का नजरिया जरूर बदल सकते हैं| मेजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर ओम प्रकाश एवं हेल्थ एजुकेशन ऑफीसर लव सिंह ने शिविर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों का आयोजन आगे भी होना चाहिए ताकि जो लोग शहर नहीं जा पाते वह गांव में ही सारी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंI जय शंकर पटेल सामाजिक कार्यकर्ता एवं शैलेश कुमार ने शिविर में मौजूद सभी लोगों मानसिक परेशानियों के इलाज में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका एवं समाज द्वारा उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण कदमों आदि के बारे में अवगत करायाI शिविर का आयोजन कोविड-19 के गाइडलाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग फिजिकल डिस्टेंसिंग आदि को ध्यान में रखकर किया गयाI

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