सबसे कम जीडीपी ग्रोथ, बढ़ सकती है बेरोजगारी

इससे कम जीडीपी 4.3 प्रतिशत जनवरी-मार्च 2013 में रही थी।

खालसा न्यूज़

नई दिल्ली। देश में जीडीपी में भारी गिरावट देखने को मिली है। इस वर्ष जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ घटकर 4.5 प्रतिशत रह गई है, जो पिछले 6 वर्षों में सबसे कम है। इससे कम जीडीपी 4.3 प्रतिशत जनवरी-मार्च 2013 में रही थी।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने शुक्रवार को सितंबर तिमाही के आंकड़े जारी किए। बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट समीर नारंग के मुताबिक विकास दर में 1% कमी आने से प्रति व्यक्ति मासिक आय 105 रुपए घट जाती है। ग्रोथ रेट 5% से 4.5% पर आने का मतलब है कि प्रति व्यक्ति मासिक आय 53 रुपए घटी है। आय घटने से खर्च में कमी आएगी, इससे मांग भी कमजोर होगी। ऐसे में बेरोजगारी बढ़ने का ख़तरा है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार के. वी. सुब्रमण्यन का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत है। तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) से जीडीपी ग्रोथ बढ़ने की उम्मीद है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए आरबीआई 3-5 दिसंबर को होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में रेपो रेट में फिर से 0.25% कटौती कर सकता है। ऐसा हुआ तो ये रेपो रेट में लगातार छठी बार कटौती होगी। अर्थव्यवस्था में सुधार की कोशिशों में सरकार ने भी पिछले महीनों में कॉर्पोरेट टैक्स घटाने समेत कई कदम उठाए।

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