लाल डॉट – माहवारी पर जागरूकता कार्यक्रम

लाल डॉट – माहवारी पर जागरूकता कार्यक्रम

लखनऊ : रविवार 7 फरवरी को इंदिरा नगर के सूगामऊ समुदाय में UNFPA REC फाउंडेशन व यह एक सोच फाउंडेशन द्वारा संचालित जबरदस्त जाग्रिक कार्यक्रम के तहत, “माहवारी स्वच्छता व मिथक – लाल डॉट ” पर एक विशेष व्यख्यान एवम् कम्युनिटी के साथ संवाद सत्र का आयोजन किया गया । मुख्य अतिथि एवम् वक्ता डाक्टर अलका सिंह ने इस संवाद सत्र में करीब 40 महिलाओं से माहवारी के विषय पर चर्चा की। उन्होंने माहवारी से संबंधित मिथक पर चर्चा की व बताया कि माहवारी एक प्राकर्तिक प्रक्रिया है व इसमें साफ़ सफाई व पोष्टिक आहार खाना चाहिए|

जीवनशैली में ही सम्यक समझ, ज्ञान का विकास

डॉक्टर राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ की अंग्रेज़ी की प्रोफेसर डॉ अल्का सिंह की विशिष्ट उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजकों को विषय के साथ संवाद कायम करने में सफलता प्राप्त हुई। उन्होने माहवारी के दौरान अचार , चटनी, व अन्य खाद्य पदार्थ को न छूना, बाल ना धोना, मंदिर में ना जाना आदि मिथकों पर विस्तार से चर्चा की गई । डॉक्टर अलका सिंह ने माहवारी से सम्बंधित सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, धार्मिक, आर्थिक आदि पहलुओं से महिलाओं एवं बालिकाओं को वर्जित किए जाने वाले पक्षों पर भी बातचीत की। उन्होने कहा कि माहवारी चक्र और स्वास्थ्य का पारस्परिक संबंध एक स्वस्थ परिवार और समाज के प्रति एक अपेक्षित समझ है। रेगुलर पीरियड एक स्वस्थ जीवनशैली का संकेत है। और स्वस्थ जीवनशैली में ही सम्यक समझ और ज्ञान का विकास सम्भव है। डॉ अलका ने सुप्रीम कोर्ट के सितम्बर २०१८ सबरीमाला केस जजमेंट पर भी चर्चा की।

माहवारी से संबंधित गरीबी को चुनौती देने के लिए

डॉक्टर राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ के द्वितीय वर्ष के छात्र वैभव गौड़ व उनकी साथी दिल्ली विश्वविद्यालय की पत्रकारिता की छात्रा आकृति सिंह व लोहिया विधि विश्वविद्यालय में ही पढ़ रहे आर्यन सिंह जबरदस्त जाग्रिक कार्यक्रम के अंतर्गत “लाल dot” नाम से वैभव व आकृति अपना प्रोजेक्ट चला रहे हैं जिसमें माहवारी से संबंधित जानकारी, मिथकों को तोड़ना, एक सहज संवाद स्थापित करना व माहवारी से संबंधित गरीबी को चुनौती देने के लिए कपड़े के pad इस्तेमाल करने आदि विषयों पर खुलकर चर्चा करते हैं ।

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