अभिभावकों की जागरूकता बनेगी मासूमों का सुरक्षा कवच

अभिभावकों की जागरूकता बनेगी मासूमों का सुरक्षा कवच

खालसा न्यूज़डेस्क/प्रयागराज

प्रयागराज: कोविड-19 संक्रमण के आंकड़ों में लगातार कमी दर्ज होना राहत की बात है। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कोरोना गाइडलाइन जारी कर स्कूलों को पूर्ण रूप से खोलने की अनुमति दे दी है। महीनों से घर में बैठे बच्चे स्कूल खुल जाने से बेहद खुश व उत्साहित हैं। लेकिन कोरोना पूरी तरह से ख़त्म नहीं हुआ है ऐसे में अभिववकों कि चिंता स्वाभाविक है।

 कोरोना पॉजिटिव बच्चों में ज़्यादातर लक्षण एसिम्टोमेटिक
 बच्चों के स्वास्थ के लिए अभिववकों को भी सतर्क रहने की जरूरत
 परिवार का कोई सदस्य कभी पॉज़िटिव रहा है तो बच्चे को स्कूल ना भेजें
 यात्रा से लौटे अभिवावक अपनी आरटीपीसीआर जांच निगेटिव आने पर ही बच्चे को स्कूल भेजें

कोरोना संक्रमण के मामले कम हुए हैं पर कोरोना अभी भी खत्म नहीं हुआ है। बच्चों में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा है। इसका सबसे बड़ा कारण बच्चों की कमजोर प्रतिरोधक क्षमता है। ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की रिपोर्ट के मुताबिक 12 साल से कम उम्र के सभी कोरोना पॉजिटिव बच्चों में कोरोना के ज़्यादातर लक्षण एसिम्टोमैटिक देखने को मिले हैं। यह लक्षण बिल्कुल सामान्य होते हैं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर बच्चों के संक्रमित होने का खतरा बना रहता है।

बच्चों का आपस में घुलना-मिलना, ट्रांसपोर्ट और साफ-सफाई जैसी कई चुनौतियां हैंI इससे निपटने के लिए स्कूल प्रशासन को गाइडलाइन के अनुसार सभी अहतियात बरतने के साथ ही अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। ताकि बच्चों को संक्रमण की चपेट में आने से बचाया जा सके।

अपने बच्चों को ये बाते सिखाएं –

1- स्कूल बस या ट्रॉली में बैठते समय भौतिक दूरी का पालन करें, एक सीट पर एक ही बच्चा बैठे।
2- बच्चे अपने साथ सेनीटाइजर जरूर रखें व उसका समय-समय पर उचित इस्तेमाल करें।
3- मास्क घर से लगाकर निकलें व उसे हाथ से बार-बार न छूएँ, न ही चेहरे से मास्क को उतारें।
4- अपने किसी साथी से बात करते समय मास्क ना उतारें, भौतिक दूरी का हमेशा पालन करें।
5- किसी भी सार्वजनिक स्थान या वस्तु को हाथ से ना छूएँ। बच्चे अपनी नाक में उंगली ना डालें।
6- हाथ की उंगली व स्टेशनरी से जुड़े किसी भी सामान को मुँह के नजदीक भूलकर भी ना लाएँ।
7- प्यास लगने पर घर से लाए पानी की बोतल का ही प्रयोग करें, किसी को अपनी बोतल ना दें।
8- किसी साथी का लांच बॉक्स साझा ना करें, खाना खाने से पहले अपने हाथ सैनीटाइज़ जरूर करें।
9- अस्वस्थ महसूस होने पर इसकी जानकारी अध्यापक को दें, अभिभावक का मोबाइल नंबर साथ रखें।
10- स्कूल से आने पर बच्चे अपने जूते घर के बाहर ही उतारें व साबुन से हाथ धुलना ना भूलें।

अभिभावक की जागरूकता से सुरक्षित रहेंगे मासूम:

1- यदि घर में कोई भी पोजिटिव रहा है तो उस बच्चे को स्कूल न भेजे । बच्चे के परिजन लंबी यात्रा पर रहे हैं तो आरटीपीसीआर जांच करवा कर ही जाना है। बीमार महसूस होने पर अपने बच्चे को स्कूल न भेजें। लक्षण बताकर चिकित्सक से तत्काल परामर्श लें।
2- घर में बुजुर्ग या मरीज हैं तो बच्चों से उनकी भौतिक दूरी का विशेष ध्यान रखें।
3- सुबह बच्चों को लॉन, पार्क में योग करना सिखाएँ, उन्हें खेलने कूदने दें। उनके साथ दोस्त सा बर्ताव करें।
4- दरवाजे, फर्श, सीढ़ी की रेलिंग, टेबल, फोन और खिलौनों को सैनेटाइज करते रहें।
5- अध्यापक से स्कूल परिसर में बच्चों की हर एक ऐक्टिविटी पर नजर रखने को कहें।
6- बदलते मौसम में बच्चों के खानपान का विशेष ख्याल रखें, बच्चों कों फ्लू के संक्रमण से बचाए रखें।
7- बच्चों को लंच-बॉक्स और पानी की बोतल जरुर दें।
8- बच्चों को प्यार से समझाएँ कि वह बिना मास्क किसी से बात ना करें, सार्वजनिक स्थानों को ना छूएँ।
9- स्कूल में अस्वस्थ महसूस होने पर इसकी जानकारी अपने अध्यापक को दें।
10- खाँसते,छींकते समय रुमाल या टिशू पेपर का प्रयोग कर उसे बंद डस्टबिन में ही फेंकें। हाथ सेनीटाइज़ करें।

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